जब असली टाइगर से हुआ मोदी का सामना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ के नया रायपुर में जंगल सफ़ारी का लोकार्पण किया.

इसे दुनिया की मानव निर्मित जंगल सफ़ारियों में से एक बताया जा रहा है.

सफ़ारी में शेर और दूसरे जंगली जानवर आपके नज़दीक तो होंगे, लेकिन दर्शकों की सुरक्षा के पुख़्ता बंदोबस्त किए गए हैं.

इस मौक़े पर मोदी ने कहा कि 16 साल पहले जब छत्तीसगढ़ बना तो किसी ने नहीं सोचा था कि यह नक्सल प्रभावित राज्य इतना विकास कर सकता है.

मोदी के जंगल सफ़ारी का उद्घाटन करने और कैमरे से फ़ोटो खींचने की सोशल मीडिया पर चर्चा होने लगी और ट्विटर पर #PMatNayaRaipur ट्रेंड करने लगा.

नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, “कैमरे के लिए….नया रायपुर में नंदन वन जंगल सफ़ारी में.”

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने ट्वीट किया, “बेशक, भारत को सरदार पटेल के 50 साल बाद एक और शेर मिला है और वो भी गुजरात से.”

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@TheChange2015 हैंडल से ट्वीट किया गया, “दो शेर एक फ्रेम में. और नारंगी शेर, केसरिया शेर से तस्वीर खिंचाकर गौरवान्वित है.”

@ng_dap हैंडल से ट्वीट किया गया, “पिंजड़ा हटाओ, फिर हम देखेंगे कि कौन शेर और कौन चूहा.”

‘मोदी-मैजिक’! इस बार भारत की “दिवाली” से निकलेगा चीन का “दिवाला”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कि “मेक इन इंडिया” योजना और इस दिवाली के त्योहारी सीजन में चीन के बने सामानों के बहिष्कार के सोशल मीडिया पर अभियान के चलते बने माहौल के कारण खुदरा व्यापारियों और थोक व्यापारियों के बीच चीन के सामान की मांग में पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग 45 प्रतिशत की गिरावट आई है।

भारत में कोई भी चीनी सामान को खरीदने के लिए तैयार नहीं हैं। भारत में चारों ओर चीन के सामान का विरोध चल रहा हैं। एक तरफ जहां चीन के सामानों के विरोध में लोग सड़कों पर जला रहे हैं, तो दूसरी तरफ चीन के उत्पादों के खिलाफ एक मुहीम चला रखी हैं।

 

चीनी सामान खरीदने की मांग में हुई जबर्दस्त गिरावट (boycott Chinese goods)

सोशल मीडिया पर चीनी सामान के बहिष्कार के अभियान की तीव्रता और उसके कारण पैदा हुआ देशभक्ति का माहौल इसके पीछे वजह है। दीपावली की खरीददारी के माहौल में भारत में बनी लाइट्स, मुर्तियों आदि की मांग बढ़ने लगी हैं। इस कारण इस वर्ष खुदरा व्यापारियों द्वारा इम्पोर्टर्स और थोक व्यापारियों से चीनी सामान खरीदने की मांग गत वर्ष की तुलना में लगभग 45 प्रतिशत घटी है।

भारत के घरेलू व्यापार में जबर्दस्त उछाल (boycott Chinese goods)

India

क्योंकि, यहां मामला पाकिस्तान से जुड़ा है, इस वजह से लोगों में चीनी सामानों के प्रति जबर्दस्त विरोध है जिसकी वजह से सोशल मीडिया का यह अभियान घरों तक महिलाओं और बच्चों के बीच पहुंच गया है। त्योहारी खरीदारी में महिलाओं और बच्चों की बड़ी भूमिका होती है, इसलिए व्यापारी इस वर्ष चीन का सामान अपनी दुकानों पर रखने से भी कतरा रहे हैं और इसी वजह से चीनी सामान की मांग में इस वर्ष जबर्दस्त गिरावट आई है। जिसके कारण भारत के घरेलू व्यापार में जबर्दस्त उछाल दिखाई दे रहा है।

विरोध को देखते हुए लोग मान रहे हैं कि जिन थोक व्यापारियों ने काफी पहले चीनी सामान का आयात किया है, उन्हें इस वर्ष नुकसान होगा। चीनी पटाखे, बल्ब की लड़ियां, गिफ्ट का सामान, फर्नि¨शग फैब्रिक, इलेक्ट्रिक फिटग, इलक्ट्रोंनिक सामान, घरेलू सजावट का सामान, खिलौने, भगवान की तस्वीर एवं मूर्तियां आदि की बिक्री पर इस बहिष्कार का व्यापक असर पड़ेगा।

सोशल मीडिया ने दिखाई ताकत और चीन हुआ बर्बाद  (boycott Chinese goods)

chinese

भारत के दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, राजस्थान, मध्यप्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों में चीन के सामानों का बहुत बड़ा बाजार है और पिछले कुछ वर्षों में चीनी उत्पादों ने बड़ी मात्रा में भारतीय बाजार में अपनी जगह बनाई है। पर इन्हीं राज्यों में चीन के सामानों का जबर्दस्त विरोध हो रहा है। भारत के इन राज्यों में भारत में निर्मित पटाखों तथा फायरशॉट की मांग पहले से अधिक बढ़ गई है। सबसे ज्यादा खुशी कि बात यह है कि ग्राहकों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा हैं।

भारत का पटाखा बाजार तेजी से उछला हैं, परन्तु चीन की कंम्पनियों की हालत खराब हैं और विचार कर रही हैं कि अपने उत्पादों को कैसे भारत के बाजार में बेचा जाए। खबरों के अनुसार चीन ने इस बार भारत में 1000 करोड़ और भेजने की तैयारी कि थी।

पाक और आतंकवाद का किया सपोर्ट तो भारतीयों ने सिखाया ड्रैगन को सबक (boycott Chinese goods)

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चीनी सामान की कीमत क्योंकि भारत में बने सामानों के मुकाबले काफी कम होती है और ये प्रचुर मात्रा में उपलब्ध रहते हैं। इसी कारण भारत में चीनी सामान की लोकप्रियता बनी है। चीनी सामान का बहिष्कार का सोशल मीडिया का अभियान यदि इसी तरह जोर पकड़ता रहा तो निश्चय ही इस दिवाली भारत में तो ‘दिवाली’ मनेगी लेकिन इस दिवाली से चीन का ‘दिवाला’ निकल जाएगा। अगर दुसरे शब्दों में कहे तो कह सकते हैं की इस बार भारतीय बाजारों में दिवाली हैं, तो चीन के कारोबार का दिवाला निकल चुका है।

प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी कि “मेक इन इंडिया” योजना को भारतीयों द्वारा चीन के समानों का विरोध करने के कारण काफी बल मिला है। और लोग अब इस योजना को सफल बनाकर चीन द्वारा पाक द्वारा समर्थित आतंकवाद का साथ देने के लिए ड्रैगन को सबक सिखाना चाहते हैं। वाकई “मेक इन इंडिया” जैसे कार्यक्रमों और देशवासियों कि एक जुटता ने ये साबित कर दिया है कि भारत विश्व गुरु बनने कि राह पर आगे बढ़ रहा है।

देखें वीडियो: देश के जवानों के लिए लोगों से मोदी जी की इस अपील को सुनकर हर भारतीय हो जायेगा भावुक !

नई दिल्लीः कुछ दिनों पहले ही शौर्य स्मारक के उद्घाटन के दौरान पीएम मोदी भोपाल में देश के सैनिकों के लिए एक बड़ी बात कही। जिसे जनता ने खूब सराहा। उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा था कि हमारे देश के सैनिकों ने उन लोगों की भी मदद की जिन्होंने उनपर पत्थर फेंके। भारतीय फौज के जवान दिन-रात सीमा पर मेहनत करते है ताकि हम चैन से सो सके। हमें हमारे सैनिकों का सम्मान करना चाहिए। Indian soldier viral photo in metro.

भारतीय जवानों के लिए जनता से की विशेष अपील –

उरी हमलें में देश के 18 जवान शहीद हुए जिसके बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। इसके बाद से भारत में सैनिकों को लेकर देश के लोगों में सम्मान की भावना पहले से कही ज्यादा बढ़ गयी है। भारतीय जवान सीमा पर शहीद हुए उनके जैसा साहस और कोई नहीं कर सकता इसलिए भारतीय जवानों को इतना सम्मान दिया जाता है।

दरअसल, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हो रहा है। जिसमें भारतीय जवानों के बारें में हमारे नज़रिये को बदलने के बारे में दिखाया गया है। यह फोटो किसी ट्रेन में सफर कर रहे भारतीय जवान की है जो ट्रेन में अपने बैग पर बैठे बैठे ही सो रहा है। और उसके आसपास लोग सीट पर बैठे हैं और अपने-अपने कामों में बिज़ी है। कोई उसे बैठने के लिए सीट नहीं दे रहा है।

पीएम मोदी ने की है बड़ी भावुक अपील –

प्रधानमंत्री मोदी ने भले ही देश के सैनिकों के लिए इतनी बातें कही हो लेकिन उनका असर होना थोडा मुश्किल है। सीमा पर हमारी सुरक्षा के लिए दिन-रात मेहनत करने वाले सैनिकों को हम बैठनें की जगह भी दे सकते। ये हमारे देश की बदक़िस्मती है, जिसका पूरे देश को सम्मान करना चाहिए उसका सम्मान नहीं करते और जिसका नहीं करना चाहिए उसे सर पर चढ़ाके रखते हैं।

देखिए, यह जवान कैसे मेट्रो में नीचे बैठा है और लोग उसे बैठने कि जगह भी नहीं दे रहे –

https://www.youtube.com/watch?v=av5CnOndWn8