दिवाली के त्यौहार में धन बरसेगा अगर 30 अक्टूबर पहले आप ये एक टोटका आजमा ले !

भगवान विष्णु का सबसे प्रिय और पवित्र कार्तिक मास चल रहा है.

इसी के साथ दिवाली की तैयारियां भी जोरों पर है जब माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की जाएगी.

अगर आप माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु दोनों की खास कृपा पाना चाहते हैं, तो आपको यह खास उपाय 30 अक्टूबर से पहले कर लेना चाहिए. इस उपाय को करने से आप पर माता लक्ष्मी की विशेष कृपा होगी और आपको कभी धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा.

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30 अक्टूबर से पहले इस उपाय को आज़माएं

देवी लक्ष्मी को शंख बहुत प्रिय है चूंकि वे स्वयं समुद्र से प्रकट हुई थीं और शंख की उत्पत्ति भी समुद्र से ही हुई है. इसलिए उनके पूजन में शंख का उपयोग किया जाता है.

वैसे शंखों के अनेक प्रकार होते हैं लेकिन मुख्यत उन्हें तीन भागों में बांटा गया है वामावर्ती, दक्षिणावर्ती और मध्यावर्ती.

इसमें दक्षिणावर्ती शंख चमत्कारिक माना जाता है. शुद्ध दक्षिणावर्ती शंख को सही विधि से दुकान, ऑफिस, उद्योग, कारखाना और घर के पूजन स्थल में स्थापित किया जाए तो उसके शुभ प्रभाव मिलते हैं और उस स्थान पर मां लक्ष्मी का वास होता है.

अगर आप धन की देवी लक्ष्मी की विशेष कृपा पाना चाहते हैं तो दिवाली से पहले यानि 30 अक्टूबर से पहले उनके पसंदीदा दक्षिणावर्ती शंख को अपने घर ज़रूर ले आएं.

दक्षिणावर्ती शंख के चमत्कारिक लाभ

शंख को घर में स्थापित करने से वास्तुदोष समाप्त होते हैं. जिस घर में शंखनाद और शंख पूजन होता है वहां लक्ष्मी स्थायी रुप से निवास करती हैं.

दक्षिणावर्ती शंख की पूजा करने से घर में खुशहाली आती है और लक्ष्मी प्राप्ति के साथ-साथ संपत्ति भी बढ़ती है. इस मंगलचिन्ह को घर के पूजा स्थल पर रखने से अरिष्टों और अनिष्टों का भी नाश होता है.

ज्योतिष के अनुसार अगर इस शंख में शुद्ध जल, गाय का दूध या गंगा जल आदि भरकर घर में छिड़काव किया जाए तो उस स्थान की नकारात्मकता दूर होती है.

दक्षिणावर्ती शंख के बारे में कहा जाता है कि असफलता, शोक, गरीबी, व्यापार में नुकसान जैसी बाधाएं इस शंख के निकट नहीं आती. इतना ही नहीं इस शंख से जिस व्यक्ति के जीवन में कष्ट आते हैं उनका शीघ्र निवारण हो जाता है.

अगर दक्षिणावर्ती शंख को तिजोरी अथवा दुकान के गल्ले में रखा जाए और उसे नित्य धूप-दीप दिखाया जाए, तो वहां शंख का सकारात्मक प्रभाव बना रहता है इससे दरिद्रता का नाश होता है.

शंख से निकलने वाली ध्वनि जहां तक जाती है वहां तक बीमारियों के कीटाणुओं का नाश हो जाता है. खांसी, दमा, पीलिया, ब्लड प्रेशर या दिल से संबंधित बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए हर रोज़ शंख बजाएं. शंख में रखे पानी का सेवन करने से हड्डियां मज़बूत होती हैं.

शंख सिर्फ मां लक्ष्मी को ही नहीं बल्कि भगवान विष्णु को भी विशेष प्रिय है इसलिए वे अपने हाथों में शस्त्रों के साथ शंख भी धारण करते हैं.

अगर आप किसी भी तरह की आर्थिक समस्या से जूझ रहे हैं तो एक बार इस दक्षिणावर्ती शंख को अपने घर के मंदिर या तिजोरी में स्थापित करके देखें. यकीनन आपकी पैसों से संबंधित परेशानी दूर होगी और माता लक्ष्मी की विशेष कृपा भी प्राप्त होगी.